【व्यावसायिक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी】01. व्यावसायिक क्षेत्रों में पाए जाने वाले हानिकारक कारक
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इस पोस्ट को अंतिम बार 68589544 ने 2016-9-19 को 13:33 बजे संपादित किया। आज के “दैनिक प्रश्न” का उत्तर मैंने गलत दे दिया था; @विना_शिकायत के सुझाव के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। यहाँ मैं व्यावसायिक रूप से हानिकारक कारकों का संक्षिप्त विवरण दे रहा हूँ, ताकि हम सभी इसे सीख सकें*! परिभाषा: व्यावसायिक हानिकारक कारक (Occupational Hazards), जिन्हें व्यावसायिक बीमारियों के कारक भी कहा जाता है, वे कारक/परिस्थितियाँ हैं जो व्यावसायिक गतिविधियों के दौरान उत्पन्न होती हैं, एवं जो व्यावसायिक कर्मचारियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं कार्य करने की क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं। इनमें रासायनिक, भौतिक, जैविक आदि कारक शामिल हैं। व्यावसायिक हानिकारक कारक (Occupational Hazards), वे पर्यावरणीय कारक हैं जो किसी व्यक्ति के व्यावसायिक जीवन से संबंधित होते हैं, एवं जो उस व्यक्ति के स्वास्थ्य पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। इसमें उत्पादन प्रक्रिया, श्रम प्रक्रिया, एवं उत्पादन स्थल के वातावरण से संबंधित हानिकारक कारक भी शामिल हैं। वर्गीकरण: (I) उत्पादन प्रक्रिया में मौजूद हानिकारक कारक1. रासायनिक कारक: इनमें उत्पादन प्रक्रिया में उपयोग होने वाले विभिन्न रासायनिक पदार्थ एवं धूल शामिल हैं। 2. भौतिक कारक: इनमें असामान्य मौसमी परिस्थितियाँ, असामान्य वायुदाब, शोर, कंपन, गैर-आयनीकरणकारी विकिरण, आयनीकरणकारी विकिरण आदि शामिल हैं। 3. जैविक कारक: जैसे – एन्थ्रेक्स बैक्टीरिया, ब्रुसेलोसिस बैक्टीरिया, फॉरेस्ट एन्सेफलाइटिस वायरस आदि संक्रामक रोगजनक। (II) श्रम प्रक्रिया में उपस्थित हानिकारक कारक – इनमें मुख्य रूप से अनुचित श्रम संगठन एवं श्रम व्यवस्था, अत्यधिक श्रम-भार, अत्यधिक मानसिक/भावनात्मक तनाव, श्रम के दौरान किसी विशेष अंग/प्रणाली पर अत्यधिक दबाव, लंबे समय तक गलत मुद्रा में रहना, एवं अनुचित श्रम-साधन आदि शामिल हैं। (III) उत्पादन वातावरण में मौजूद हानिकारक कारक – इनमें मुख्य रूप से प्राकृतिक वातावरणीय कारक, कारखानों की अनुचित संरचना/व्यवस्था, एवं अन्य उत्पादन प्रक्रियाओं से उत्पन्न होने वाले हानिकारक कारक शामिल हैं।