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आर्थिक दैनिक, बीजिंग, 11 अक्टूबर (रिपोर्टर: डू फांग) – चीनी विज्ञान अकादमी ने आज घोषणा की कि हमारे देश के वैज्ञानिकों ने अति-ठंडे परमाणुओं के क्वांटम सिमुलेशन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की है। चीनी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय एवं पेकिंग विश्वविद्यालय की संयुक्त टीम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहली बार सैद्धांतिक रूप से एवं प्रयोगात्मक रूप से “अति-ठंडे परमाणुओं में द्वि-आयामी स्पिन-ऑर्बिटल संयोजन” की अवधारणा को विकसित किया। इसके द्वारा स्पिन-ऑर्बिटल संयोजन के कारण उत्पन्न होने वाले नए प्रकार के टोपोलॉजिकल क्वांटम गुणों का अध्ययन इस शोध के परिणाम, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित पत्रिका “साइंस” के नवीनतम अंक में प्रकाशित हुए हैं। पत्रिका “साइंस” की टिप्पणी में कहा गया है कि यह अनुसंधान, “पारंपरिक संघनित अवस्था भौतिकी से परे की विचित्र घटनाओं के अध्ययन हेतु बहुत ही महत्वपूर्ण है।” “अति-ठंडे परमाणु, वे परमाणु होते हैं जो लगभग निरपेक्ष शून्य तापमान पर होते हैं। अति-ठंडे परमाणुओं में कृत्रिम स्पिन-ऑर्बिटल संयोजन प्राप्त करना, नए प्रकार की भौतिक अवस्थाओं के अध्ययन में उपलब्धियाँ हासिल करने हेतु सबसे संभावित तरीकों में से एक माना जाता है; विदेशों में इस संबंध में किए गए शोधों को कई बार नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। ”शोधपत्र के प्रमुख लेखक, चीनी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अकादमिक पैन जियानवेई का कहना है कि यह महत्वपूर्ण सफलता, टोपोलॉजिकल सुपरफ्लो, टोपोलॉजिकल सुपरकंडक्टर जैसी नई टोपोलॉजिकल क्वांटम अवस्थाओं के अध्ययन में मदद करेगी; इससे पदार्थों की दुनिया को समझने में भी महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा।