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नेतृत्व करना एवं ड्यूटी पर रहने में क्या अंतर है? कार्य-जिम्मेदारियाँ अलग-अलग हैं? क्या कार्यों की आवश्यकताएँ अलग-अलग हैं?
व्यक्तिगत रूप से मेरी समझ है कि नेता, टीम का नेतृत्व करता है; ऐसी स्थिति में उसकी जिम्मेदारी ही टीम के प्रमुख की जिम्मेदारियाँ होती हैं, और उसे टीम के प्रमुख के कर्तव्यों को निभाना ही होता है।; जबकि नेतृत्व करना, उसके कार्यों का ही विस्तार है; उसकी जिम्मेदारियाँ, उसके नेतृत्व पद से जुड़ी ही हैं।
नेतृत्व में कार्य संचालन का अर्थ है, किसी नेता द्वारा किसी विभाग को कोई विशेष कार्य पूरा करने में मार्गदर्शन देना। ड्यूटी से तात्पर्य, सामान्य कार्य समय के बाहर, निर्धारित योजना के अनुसार नेतृत्व संबंधी कर्तव्यों को पूरा करना है। ड्यूटी से जुड़े कार्य एवं जिम्मेदारियाँ, ड्यूटी संबंधी नियमों के अनुसार ही होनी च
मैं ऊपर दी गई राय से सहमत हूँ! ! ! ! ! ! ! ! ! ! ! ! ! ! !
हमारा कारखाना-आवासीय क्षेत्र सीधे कारखाने के बगल में ही है। वहाँ कोई विशेष स्थिति नहीं है; ड्यूटी घर से भी निभाई जा सकती है। यह “ड्यूटी निभाने का” एक वैकल्पिक तरीका है। ड्यूटी तो कार्यस्थल पर ही निभानी होती है।
“नेतृत्व में काम करना” – यह शब्द पहले कोयला खदानों में ही प्रयोग; इसका अर्थ है कि हर दिन कंपनी का कोई उच्च पदाधिकारी उस टीम का नेतृत्व करके वहाँ जाता है; यानी कुएँ के नीचे जाकर कार्यों का निर्देशन करता है। आम तौर पर ऐसे अधिकारी रात में या छुट्टियों के दिनों में कंपनी में ही रहकर विभिन्न मामलों का समाधान करते हैं। ;
हम लोग एक-दूसरे से बहुत अलग हैं। हमारे यहाँ भी महत्वपूर्ण कार्यों को करते समय नेता/प्रबंधक की उपस्थिति आवश्यक होती है; जैसे 15 मीटर से ऊँचाई पर काम करते समय तो नेता/प्रबंधक की उपस