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खाली जगह भरें: रेजिन की सफ़ेदी, उसके निर्माण हेतु प्रयोग में आने वाली सामग्रियों पर निर्भर है। यदि ( ), पानी अच्छा न हो, तो रेजिन की सफ़ेदी कम हो जाती है। इसके अलावा, इस पर ( ) एवं ( ) जैसे कारकों का भी प्रभाव पड़ता है।
उत्तर: मोनोमर; ; स्ट्रिपिंग की शर्तें ; मिश्रण करने में लगने वाला समय
रेजिन की सफ़ेदी, उसके संश्लेषण हेतु उपयोग में आने वाली सामग्रियों पर निर्भर है। यदि मोनोमर एवं पानी की गुणवत्ता अच्छी न हो, तो रेजिन की सफ़ेदी कम हो जाती है। इसके अलावा, इस पर “डिस्टिलेशन की प्रक्रिया” एवं “मिश्रण का समय” जैसे कारकों का भी प्रभाव पड़ता है।
मोनोमर, पानी, स्ट्रिपिंग की परिस्थितियाँ, मिश्रण बनाने हेतु आवश्यक समय। । । । । । । । । । । । । । । । । । । ।
रेजिन की सफ़ेदी, इसकी संश्लेषण सामग्री पर निर्भर है; यदि मोनोमर एवं पानी की गुणवत्ता अच्छी न हो, तो रेजिन की सफ़ेदी कम हो जाती है। इसके अलावा, यह (जलवाष्प की स्थितियों) एवं (मिश्रण के समय) जैसे कारकों से भी प्रभावित होती है।
मोनोमर, डिस्टिलेशन की स्थितियाँ, मिश्रण हेतु समय
रेजिन की सफ़ेदी, उसके संश्लेषण हेतु प्रयोग में आने वाली सामग्रियों पर निर्भर है। यदि मोनोमर एवं पानी की गुणवत्ता अच्छी न हो, तो रेजिन की सफ़ेदी कम हो जाती है। इसके अलावा, रेजिन की सफ़ेदी पर “डिस्टिलेशन की प्रक्रिया” एवं “मिश्रण का समय” जैसे कारकों का भी प्रभाव पड़ता है।
रेजिन की सफ़ेदी, उसके संश्लेषण हेतु प्रयोग में आने वाली सामग्रियों पर निर्भर है। यदि मोनोमर एवं पानी की गुणवत्ता अच्छी न हो, तो रेजिन की सफ़ेदी कम हो जाती है। इसके अलावा, रेजिन की सफ़ेदी पर “डिस्टिलेशन की प्रक्रिया” एवं “मिश्रण करने का समय” जैसे कारकों का भी प्रभाव पड़ता है।
रेजिन की सफ़ेदी, इसके संश्लेषण हेतु उपयोग में आने वाली सामग्रियों पर निर्भर है। यदि मोनोमर एवं पानी की गुणवत्ता अच्छी न हो, तो रेजिन की सफ़ेदी कम हो जाती है। इसके अलावा, रेजिन की सफ़ेदी पर “स्टीमिंग की परिस्थितियाँ” एवं “मिश्रण का समय” जैसे कारकों का भी प्रभाव पड़ता है।
मोनोमर; पानी ; स्ट्रिपिंग की शर्तें एवं मिश्रण हेतु समय
मोनोमर, स्टीलिंग समय, मिश्रण करने का समय।
मोनोमर, पानी, स्ट्रिपिंग की स्थितियाँ, मिश्रण का समय
रेजिन की सफ़ेदी, उसके संश्लेषण हेतु प्रयोग में आने वाली सामग्रियों पर निर्भर है। यदि मोनोमर एवं पानी की गुणवत्ता अच्छी न हो, तो रेजिन की सफ़ेदी कम हो जाती है। इसके अलावा, रेजिन की सफ़ेदी पर “स्ट्रिपिंग की प्रक्रिया” एवं “मिश्रण बनाने में लगने वाला समय” जैसे कारकों का भी प्रभाव पड़ता है।
मोनोमर; स्ट्रिपिंग की परिस्थितियाँ एवं मिश्रण हेतु आवश्यक समय
रेजिन की सफ़ेदी, उसके संश्लेषण हेतु उपयोग में आने वाली सामग्रियों पर निर्भर है। यदि मोनोमर एवं पानी की गुणवत्ता अच्छी न हो, तो रेजिन की सफ़ेदी कम हो जाती है। इसके अलावा, इस पर “डिस्टिलेशन की प्रक्रिया” एवं “मिश्रण का समय” जैसे कारकों का भी प्रभाव पड़ता है।
रेजिन की सफ़ेदी, उसकी संश्लेषण सामग्री पर निर्भर है। यदि मोनोमर एवं पानी की गुणवत्ता अच्छी न हो, तो रेजिन की सफ़ेदी कम हो जाती है। इसके अलावा, यह (स्टीमिंग की परिस्थितियों) एवं (मिश्रण के समय) जैसे कारकों से भी प्रभावित होती है।
मोनोमर; ; स्ट्रिपिंग की शर्तें ; मिश्रण करने में लगने वाला समय
मोनोमर, स्टीलिशेशन की परिस्थितियाँ, मिश्रण बनाने में लगने वाला समय
मोनोमर, स्टीलिंग की परिस्थितियाँ, मिश्रण हेतु समय
रेजिन की सफ़ेदी, इसके संश्लेषण हेतु उपयोग में आने वाली सामग्रियों पर निर्भर है। यदि मोनोमर एवं पानी की गुणवत्ता अच्छी न हो, तो रेजिन की सफ़ेदी कम हो जाती है। इसके अलावा, रेजिन की सफ़ेदी पर “डिस्टिलेशन की प्रक्रिया” एवं “मिश्रण बनाने में लगने वाला समय” जैसे कारकों का भी प्रभाव पड़ता है।
रेजिन की सफ़ेदी, उसके संश्लेषण हेतु प्रयोग में आने वाली सामग्रियों पर निर्भर है। यदि मोनोमर या स्टीलिंग की प्रक्रिया ठीक न हो, तो रेजिन की सफ़ेदी कम हो जाती है। इसके अलावा, यह (मिश्रण का समय) एवं (अन्य कारकों) के प्रभाव से भी प्रभावित होती है।
उत्तर: मोनोमर, स्टीलिंग की प्रक्रिया, मिश्रण का समय
मोनोमर, डिस्टिलेशन की स्थितियाँ, मिश्रण हेतु समय