【सुझावित पठन】इंसान को तो सीधे-सादे तरीके से ही जीना चाहिए!
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【सुझावित पठन】इंसान को तो सीधे-सादे तरीके से ही जीना चाहिए! ईमानदारी से जीवन जिएं, और निष्ठा के साथ काम करें। जीवन में अवश्य टालने योग्य बातें: धोखा देना, छल करना, ठगना, चोरी करना। इंसान को सबसे ज्यादा डरना चाहिए: खाना, पीना, वेश्यावृत्ति, जुआ, नशीली चीजों का सेवन। कटु एवं अपमानजनक बातें नहीं कही जाएंगी, और दूसरों को नुकसान पहुँचाकर अपना फायदा कमाने वाले काम भी नहीं यदि कोई व्यक्ति अच्छा हो, तो हर कोई उसके साथ रहना चाहेग ; यदि कोई व्यक्ति दुष्ट हो, तो सभी लोग उसके साथ छोड़कर चले जीवन जीते समय, दूसरों को धोखा न दें। झूठ, वास्तव में एक चाकू है… जो उन लोगों के दिलों में घुस जाता है, जो उस पर विश्वास करते हैं… इससे जितना दर्द होता है, उतना ही दर्द होता है!विश्वास, वास्तव में पानी की तरह है… जब वह गंदा हो जाता है, तो फिर वह साफ नहीं हो सकता। विश्वास एक दर्पण की तरह है; एक बार यह टूट जाए, तो इसे फिर से जोड़ना मुश्किल हो जाता है। यदि कोई व्यक्ति ईमानदार हो, तो सभी लोग उसके साथ दोस्ताना संबंध रखेंगे; लेकिन यदि कोई व्यक्ति विश्वासघाती हो, तो सभी लोग उससे दूर रहेंगे जीवन जीते समय, दूसरों के बारे में चालें न चलें। हमेशा दूसरों को धोखा देने की कोशिश करने से, अवश्य ही भविष्य में परेशानियाँ ही होंगी।
हमेशा दूसरों का फायदा उठाने की कोशिश करने से, अवश्य ही रिश्ते टूट जाएँगे एवं लोग दूर चले जाएँगे। जो लोग नुकसान सहन करने को तैयार होते हैं, वे आखिरकार नुकसान नहीं उठाते। जो लोग दूसरों को वापस नहीं देते, उन्हें भगवान ही वापस दिला देते हैं। जो लोग उदार होते हैं, वे आखिरकार हारते नहीं। थोड़ी देर के लिए सहन करने से ही वे जीवन भर अच्छे संबंध प्राप्त कर लेते हैं। यदि कोई व्यक्ति बहुत ही चालाक हो जाए, तो उसके पास कोई रास्ता ही नहीं रह जाता।
यदि कोई व्यक्ति बहुत ही कठोर हो जाए, त बहुत क्रूर व्यवहार करने से कोई रास्ता ही नहीं बचता बहुत क्रूर व्यवहार करने से कोई लाभ नहीं होता। बहुत बुरा व्यवहार करने वाले व्यक्ति को कोई पसंद नह अगर कोई व्यक्ति बहुत क्रूर होता है, तो कोई भी उसके जो व्यक्ति बहुत ही कपटी होता है, उसके साथ कोई भी रहन ऐसा व्यक्ति बहुत ही चालाक होता है; कोई भी उसके करीब व्यक्ति को अपने विवेक को हमेशा अपने दिल में रखना चाहिए, एवं अपने गुणों को हमेशा अपने साथ रखना चाहिए। चाहे प्रेम हो या मित्रता, अगर आपने अपनी ईमानदारी खो दी, कृतज्ञता को भुला दिया, तो आप कुछ भी नहीं रह जाएंगे! जब मनुष्य का जन्म होता है, तो उसे अपनी जिम्मेदारियों को निभाना ही होता है… उन सभी नियमों/औपचारिकताओं का पालन करना ही होता है!
(स्रोत: लियाओफान चार उपदेश)