असुरक्षित व्यवहारों का वर्गीकरण
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असुरक्षित व्यवहार – ऐसी मानवीय गलतियों को कहा जाता है, जिनके कारण व्यक्तियों को चोटें या मृत्यु हो जाती है। इसमें वे असुरक्षित क्रियाएँ भी शामिल हैं, जिनके कारण दुर्घटनाएँ होती ह ; इसमें वे कार्य भी शामिल हैं, जिन्हें सुरक्षा नियमों के अनुसार किया जाना आवश्यक है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। असुरक्षित व्यवहार, दुर्घटना होने के मानवीय कारणों को दर्शाता है। असुरक्षित व्यवहारों को निम्नलिखित श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है:1. संचालन संबंधी त्रुटियाँ, सुरक्षा नियमों की उपेक्षा, चेतावनियों की अनदेखी। ; 2. सुरक्षा उपकरणों के कार्य न कर पाने का कारण बनना। ; 3. असुरक्षित उपकरणों का उपयोग करना। ; 4. उपकरणों के स्थान पर हाथों का उपयोग करके कार्य क ; 5. वस्तुओं (अर्थात् तैयार उत्पाद, अर्ध-तैयार उत्पाद, सामग्री, उपकरण आदि) को उचित तरीके से नहीं रखा जाता। ; 6. खतरनाक स्थानों में जोखिम उठाकर प्रवेश करना। ; 7. ऐसी असुरक्षित जगहों पर चढ़ना/बैठना (जैसे प्लेटफॉर्म की रेलिंग आदि)। ; 8. उठाए गए वस्तुओं के नीचे काम करना/वहाँ रहना। ; 9. मशीन चलने के दौरान ईंधन भरना, मरम्मत करना, जाँच करना, समायोजन करना, वेल्डिंग करना, सफाई करना आदि कार्य। ; 10. ध्यान भटकाने वाले व्यवहार। ; 11. उन कार्यों या परिस्थितियों में, जहाँ व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों का उपयोग आवश्यक है, उनकी अनदेखी करना या असुरक्षित वस्त्र पहनना खतरनाक है। 12. ज्वलनशील, विस्फोटक आदि खतरनाक पदार्थों के संभालने में गलतियाँ हुईं।
1. सुरक्षा, बीमा, संकेतन आदि संबंधी उपकरणों की कमी या उनमें दोष होना। ; 2. उपकरणों, सुविधाओं, औजारों एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं में कमियाँ हैं। ; 3. व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों में कमियाँ हैं (जैसे – सुरक्षा वस्त्र, दस्ताने, चश्मे, मास्क, सुरक्षा बेल्ट, सुरक्षा हेलमेट, सुरक्षा जूते आदि)। ; 4. उत्पादन (निर्माण) स्थल की परिस्थितियाँ/वातावरण अनुकूल नहीं हैं।