मेथनॉल – प्रतिदिन एक प्रश्न, हीट एक्सचेंजर – 2016.02.23
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हाल ही में कार्यों की संख्या बहुत अधिक है; इसलिए प्रतिदिन एक प्रश्न देना संभव नहीं है। कृपया इस बात को समझें। जो लोग इस कार्य में रुचि रखते हैं, वे मेथनॉल संबंधी विषयों पर पोस्ट लिख सकते हैं।प्रतिदिन एक प्रश्न… हीट एक्सचेंजर… 2016.02.23
1. जब किसी वस्तु के अंदर, या आपस में सीधे संपर्क में रहने वाली दो वस्तुओं के बीच तापमान में अंतर होता है, तो अणुओं के कंपन के कारण ऊर्जा उच्च तापमान वाले हिस्से से कम तापमान वाले हिस्से में जाती है। ऐसी ऊष्मा-स्थानांतरण प्रक्रिया को (A) कहा जाता है। (ए) संचरण (बी) संवहन (सी) विकिरण (डी) विसरण
2. विकिरण, ऊष्मा-ऊर्जा को (सी) के माध्यम से ही प्रसारित करने की एक विधि है। (ए) पड़ोसी अणुओं का आपस में टकरना।
(बी) कणों का आपस में स्थानांतरण एवं मिश्रण होना।
(सी) विद्युत-चुम्बकीय तरंगें।
(डी) अणुओं की स्वतंत्र गति।
3. विद्युत-तापन विधि से प्राप्त होने वाला अधिकतम तापमान 3,200 ℃ तक होता है; इसका उपयोग आमतौर पर (सी) से अधिक तापमान प्राप्त करने हेतु किया जाता है। (ए) 1,500 ℃ (बी) 1,100 ℃ (सी) 1,000 ℃ (डी) 1,600 ℃
4. रासायनिक उत्पादन में, जब तापमान 180 ℃ से कम होता है, तो अधिकांश मामलों में (ए) प्रकार का ही तापन उपयोग में आता है। (ए) संतृप्त जलवाष्प (बी) धुआँ-युक्त गैसें (सी) विद्युत-तापन द्वारा उत्पन्न वाष्प (डी) कार्बनिक ऊष्मा-वाहकों के उपयोग से तापन। उत्तर: ए, सी, सी, ए
2. विकिरण, ऊष्मा-ऊर्जा को (सी) के माध्यम से ही प्रसारित करने की एक विधि है। (ए) पड़ोसी अणुओं का आपस में टकरना।
(बी) कणों का आपस में स्थानांतरण एवं मिश्रण।
(सी) विद्युत-चुम्बकीय तरंगें।
(डी) अणुओं की स्वतंत्र गति।
3. विद्युत-तापन विधि से प्राप्त होने वाला अधिकतम तापमान 3,200 ℃ तक होता है; इसका उपयोग आमतौर पर (सी) से अधिक तापमान प्राप्त करने हेतु किया जाता है। (ए) 1,500 ℃ (बी) 1,100 ℃ (सी) 1,000 ℃ (डी) 1,600 ℃
4. रासायनिक उत्पादन में, जब तापमान 180 ℃ से कम होता है, तो अधिकांश मामलों में (ए) प्रकार का ही तापन विधि उपयोग में आती है। (ए) संतृप्त जलवाष्प (बी) धुआँ-युक्त गैसें (सी) विद्युत-तापन द्वारा उत्पन्न भाप (डी) कार्बनिक ऊष्मा-वाहकों के उपयोग से तापन।
2. विकिरण, ऊष्मा-ऊर्जा को (सी) के माध्यम से ही प्रसारित करने की एक विधि है। (ए) पड़ोसी अणुओं का आपस में टकरना।
(बी) कणों का आपस में स्थानांतरण एवं मिश्रण होना।
(सी) विद्युत-चुम्बकीय तरंगें।
(डी) अणुओं की स्वतंत्र गति।
3. विद्युत-तापन विधि से प्राप्त होने वाला अधिकतम तापमान 3,200 ℃ तक होता है; इसका उपयोग आमतौर पर (सी) से अधिक तापमान प्राप्त करने हेतु किया जाता है। (ए) 1,500 ℃ (बी) 1,100 ℃ (सी) 1,000 ℃ (डी) 1,600 ℃
4. रासायनिक उत्पादन में, जब तापमान 180 ℃ से कम होता है, तो अधिकांश मामलों में (ए) प्रकार का ही तापन उपयोग में आता है। (ए) संतृप्त जलवाष्प (बी) धुआँ-युक्त गैसें (सी) विद्युत-तापन द्वारा उत्पन्न भाप (डी) कार्बनिक ऊष्मा-वाहकों के उपयोग से तापन।