Thread Content
निगरानी प्रक्रिया के दौरान, सभी लोग उपकरणों के निर्माण/जाँच संबंधी परिणामों की सटीकता, पूर्णता एवं विश्वसनीयता को कैसे सुनिश्चित करते हैं?
वर्तमान में, निरीक्षक उपकरणों के निर्माण प्रक्रिया पर लगभग कोई नियंत्रण ही नहीं रखते हैं। वे निर्माण स्थल पर जाकर निरीक्षण करने की जहमत ही नहीं उठाते; बल्कि वे केवल यही देखते हैं कि क्या कारखाने से आने वाले उपकरणों संबंधी दस्तावेज क्या इसकी बाहरी संरचना ठीक है?
इसके लिए सुपरवाइजर को दोष नहीं दिया जा सकता। कारखाने में तैनात सुपरवाइजर को तो अपनी सेवाओं के लिए भुगतान प्राप्त होना ही चाहिए। यदि मालिक ही भुगतान नहीं करेगा, तो सुपरवाइजर कैसे अपना
अब निर्माण गुणवत्ता निरीक्षण की जगह निर्माण सुरक्षा निरीक्षण हो गया है। गुणवत्ता निरीक्षण की प्रक्रिया ही अब लुप्त हो गई है। जब तक तीसरे पक्ष का निरीक्षण न हो, या गुणवत्ता निरीक्षण संबंधी जिम्मेदारी तय न हो, तब तक यह सब महज मजाक ही है। ।
हाँ, अब निगरानी प्रणाली मूल रूप से केवल औपचारिकता या मुहर लगाने तक ही सीमित रह गई है। ऐसी प्रवृत्ति बहुत ही खतरनाक है, क्योंकि यदि कोई गलती हो जाती है, तो आजीवन उसकी जिम्मेदारी लेनी ही पड़ती है।
“पेट्रोकेमिकल उपकरणों के पूरे जीवनचक्र प्रबंधन” (www.lcpsp.com) प्लेटफॉर्म पर काम करते समय, सभी नियम इस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नियम-प्रारूपों के आधार पर ही तैयार किए जाते हैं; एवं वास्तविक उपकरणों के अनुसार इन नियमों में संशोधन भी किया जाता है। ये नियम-प्रारूप, इस क्षेत्र के विशेषज्ञों द्वारा संबंधित मानकों एवं अनुभवों के आधार पर ही तैयार किए गए हैं।