प्रकृति में आनंद लेना
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इस पोस्ट को अंतिम बार *nht1 द्वारा 2016-9-13 23:36 पर संपादित/प्रकाशित किया गया।प्रकृति की सुंदरता में खो जाना… मध्य शरद ऋतु की रात में, बरसात के समय, प्रकृति की शांति एवं ठंडक में खुद को डुबो देना। वहाँ घने वृक्ष, सुंदर झरने भी हैं… वहाँ रहने पर ऊपर देखने पर तो ऐसा लगता है जैसे कोई चित्र हो, और नीचे देखने पर तो ऐसा लगता है जैसे कोई कविता हो। एक धूपबत्ती जलाकर, थोड़ी उदासी को दूर कर देना… एक कप चाय पीकर, पुरानी यादों को हवा में उड़ा देना… बरसात की बूँदें, धुआँ… आधी जिंदगी तो भुला दी गई, आधी जिंदगी तो जारी ही है… सूर्य एवं चंद्रमा के चक्करों को देखकर, समय के लंबे होने की कामना करना… रंगीन बादलों के बीच वापस आना… लगभग सौ दिन… इन्हें जरूर लिखना चाहिए… भावनाएँ, विचार… लेकिन शरीर थक गया है, शब्द भी कम हैं… तो बस थोड़ा ही लिख देना।