[ट्रांसलेटेड] शियाओ जिंगतेंग का “रानी” – रासायनिक संस्करण
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तरल! अवस्था! मैग्नीशियम! ! ! चाहे कितना भी खतरनाक हो! हमेशा ही कोई न कोई आँखों में गहरे घाव लिए हुए प्रयोग करत ! ! एरियम! टाइटेनियम! मैग्नीशियम! ! ! चाहे कितना भी खतरनाक हो! सभी अतिरिक्त खर्चों के लिए आँसू ही बलिदान हों! ! ! तांबा! टाइटेनियम! मैग्नीशियम! ! ! चाहे कितना ही नीच स्थान हो! मैं भी टेस्ट ट्यूब में तैयार किए गए खाद्य पदार्थों क ! ! नियोबियम! टाइटेनियम! मैग्नीशियम! ! ! भले ही मेरे पास कुछ कहने को न हो, फिर भी मैं दुनिया से खुद को अलग करना चाहता हूँ! ! ! मेरा रॉयल वॉटर! ! ! मैं नियोबियम पर कब्जा करना चाहता हूँ! टेक्नेशियम! मैग्नीशियम – मूल गीत के शब्द (अंश):रात बहुत ही सुंदर है… चाहे कितना भी खतरा हो, फिर भी कोई न कोई व्यक्ति रात भर जागता ही रहता है।
प्रेम भी बहुत ही सुंदर है… चाहे कितना भी खतरा हो, फिर भी मैं अपनी सारी चीजें दाँव पर लगाने को तैयार हूँ… हजारों सालों तक आँसू बहाने को भी तैयार हूँ।
दर्द भी बहुत ही सुंदर है… चाहे कितना भी दुःख हो, फिर भी मैं टूटने-बिखरने का दर्द महसूस करना चाहता हूँ।
तुम बहुत ही सुंदर हो… चाहे कितनी भी चुप्पी हो, फिर भी मैं दुनिया को पत्थरों से घेरकर तुम्हें अपने पास ही रखना चाहता हूँ।
मेरी रानी… मैं तुम्हारी सुंदरता पर ही अपना अधिकार जमाना चाहता हूँ।
PS: मूल गीत वेइबो पर “शियुए_लाईगुआनशा” द्वारा लिखा गया है।