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【प्रश्न-उत्तर, प्रश्न संख्या 207】13.11.2016 – हीटिंग फर्नेस की ऊष्मा-दक्षता को प्रभावित करने वाले कौन-से कारक हैं? जवाब देने के बाद ही सही उत्तर दिखाई देंगे; महत्वपूर्ण बिंदुओं को ही ध्यान में रखकर जवाब देने पर ही अं 1. भट्ठी से निकलने वाले धुएँ का तापमान जितना अधिक होगा, ऊष्मा दक्षता उतनी ही कम होगी।
2. अतिरिक्त वायु का अनुपात जितना अधिक होगा, ऊष्मा दक्षता उतनी ही कम होगी।
3. रासायनिक अपूर्ण दहन के कारण होने वाली हानि जितनी अधिक होगी; अर्थात् धुएँ में CO एवं हाइड्रोजन गैस की मात्रा जितनी अधिक होगी, ऊष्मा दक्षता उतनी ही कम होगी।
4. यांत्रिक अपूर्ण दहन के कारण होने वाली हानि जितनी अधिक होगी; अर्थात् अधूरे दहन के कारण कार्बन आयनों की मात्रा जितनी अधिक होगी, ऊष्मा दक्षता उतनी ही कम होगी।
5. भट्ठी की दीवारों से होने वाली ऊष्मा हानि जितनी अधिक होगी, ऊष्मा दक्षता उतनी ही कम होगी। 2016 के प्रश्नोत्तर संकलन (नवंबर तक अपडेटेड) – “2016 हैचुआन टॉप 10 सदस्यों का चयन” कार्यक्रम के लिए प्रायोजकों की तलाश है।
http://bbs.hcbbs.com/thread-1628108-1-1.html
(स्रोत: हैचुआन रसायन फोरम)
(1) चूल्हे से निकलने वाली धुएँ का तापमान जितना अधिक होता है, ऊष्मा-दक्षता उतनी ही कम होती ह (2) अतिरिक्त वायु गुणांक जितना अधिक होता है, ऊष्मा दक्षता उतनी ही कम होती है। (3) रासायनिक अपूर्ण दहन के कारण होने वाला नुकसान जितना अधिक होता है, अर्थात् धुएँ में CO एवं H2 की मात्रा जितनी अधिक होती है, उतनी ही ऊष्मा-दक्षता कम होती है। (4) यदि यांत्रिक रूप से कार्बन का पूरी तरह दहन न हो, अर्थात् धुएँ में अवशिष्ट कार्बन कणों की मात्रा अधिक हो, तो ऊष्मा-दक्षता कम हो जाती है। (5) चूल्हे की दीवारों से होने वाला ऊष्मा-नुकसान जितना अधिक होता है, ऊष्मा-दक्षता उतनी ही क
1. भट्ठी से निकलने वाले धुएँ का तापमान जितना अधिक होगा, ऊष्मा दक्षता उतनी ही कम होगी।
2. अतिरिक्त वायु का अनुपात जितना अधिक होगा, ऊष्मा दक्षता उतनी ही कम होगी।
3. रासायनिक अपूर्ण दहन के कारण होने वाली हानि जितनी अधिक होगी; अर्थात् धुएँ में CO एवं हाइड्रोजन गैस की मात्रा जितनी अधिक होगी, ऊष्मा दक्षता उतनी ही कम होगी।
4. यांत्रिक अपूर्ण दहन के कारण होने वाली हानि जितनी अधिक होगी; अर्थात् अधूरे दहन के कारण कार्बन आयनों की मात्रा जितनी अधिक होगी, ऊष्मा दक्षता उतनी ही कम होगी।
5. भट्ठी की दीवारों से होने वाली ऊष्मा हानि जितनी अधिक होगी, ऊष्मा दक्षता उतनी ही कम होगी।
1. भट्ठी से निकलने वाले धुएँ का तापमान जितना अधिक होगा, उतनी ही कम ऊष्मा दक्षता होगी। 2. अतिरिक्त वायु गुणांक जितना अधिक होता है, ऊष्मा दक्षता उतनी ही कम होती है। रासायनिक अपूर्ण दहन के कारण होने वाला नुकसान जितना अधिक होता है, अर्थात् धुएँ में CO एवं हाइड्रोजन की मात्रा जितनी अधिक होती है, तो ऊष्मा दक्षता उतनी ही कम होती है। 4. यदि यांत्रिक कारणों से ईंधन पूरी तरह न जले, अर्थात् धुएँ में अवशिष्ट कार्बन कणों की मात्रा अधिक हो, तो ऊष्मा दक्षता कम हो जाती है। 5. चूल्हे की दीवारों से होने वाला ऊष्मा-हानि जितना अधिक होता है, ऊष्मा-दक
1. ईंधन के प्रकार; 2. अतिरिक्त वायु गुणांक ; 3. फर्नेस का नकारात्मक दबाव कितना है? ; 4. धुएँ का तापमान ; 5. भट्ठी की दीवारों से होने वाला ऊष्मा-न
1. धुआँ निकास तापमान
2. भट्ठी में ऑक्सीजन की मात्रा का नियंत्रण
3. भट्ठी नलियों में ऊष्मा स्थानांतरण दक्षता एवं कोक जमाव की स्थिति
(1) चूल्हे से निकलने वाली धुएँ का तापमान जितना अधिक होता है, ऊष्मा-दक्षता उतनी ही कम होती ह (2) अतिरिक्त वायु गुणांक जितना अधिक होता है, ऊष्मा दक्षता उतनी ही कम होती है। (3) रासायनिक अपूर्ण दहन के कारण होने वाला नुकसान जितना अधिक होता है, अर्थात् धुएँ में CO एवं H2 की मात्रा जितनी अधिक होती है, उतनी ही ऊष्मा-दक्षता कम होती है। (4) यदि यांत्रिक रूप से कार्बन का पूरी तरह दहन न हो, अर्थात् धुएँ में अवशिष्ट कार्बन कणों की मात्रा अधिक हो, तो ऊष्मा-दक्षता कम हो जाती है। (5) चूल्हे की दीवारों से होने वाला ऊष्मा-नुकसान जितना अधिक होता है, ऊष्मा-दक्षता उत
1. अतिरिक्त वायु का गुणांक अधिक है।
2. कन्वेक्शन सेक्शन में हीट एक्सचेंजर पर धूल जम जाती है, इस कारण धुएँ का तापमान अधिक रहता है।
3. दहन पूरी तरह से नहीं हो पाता।
4. भट्ठी की दीवारों से ऊष्मा बाहर निकल जाती है।
5. भट्ठी में आने वाले पदार्थों का तापमान कम होता है।
(1) चूल्हे से निकलने वाली धुएँ का तापमान जितना अधिक होता है, ऊष्मा-दक्षता उतनी ही कम होती ह (2) अतिरिक्त वायु गुणांक जितना अधिक होता है, ऊष्मा दक्षता उतनी ही कम होती है। (3) रासायनिक अपूर्ण दहन के कारण होने वाला नुकसान जितना अधिक होता है, अर्थात् धुएँ में CO एवं H2 की मात्रा जितनी अधिक होती है, उतनी ही ऊष्मा-दक्षता कम होती है। (4) यदि यांत्रिक रूप से कार्बन का पूरी तरह दहन न हो, अर्थात् धुएँ में अवशिष्ट कार्बन कणों की मात्रा अधिक हो, तो ऊष्मा-दक्षता कम हो जाती है। (5) चूल्हे की दीवारों से होने वाला ऊष्मा-नुकसान जितना अधिक होता है, ऊष्मा-दक्षता उतनी ही क
(1) चूल्हे से निकलने वाली धुएँ का तापमान जितना अधिक होता है, ऊष्मा-दक्षता उतनी ही कम होती ह (2) अतिरिक्त वायु गुणांक जितना अधिक होता है, ऊष्मा दक्षता उतनी ही कम होती है। (3) रासायनिक अपूर्ण दहन के कारण होने वाला नुकसान जितना अधिक होता है, अर्थात् धुएँ में CO एवं H2 की मात्रा जितनी अधिक होती है, उतनी ही ऊष्मा-दक्षता कम होती है। (4) यदि यांत्रिक रूप से कार्बन का पूरी तरह दहन न हो, अर्थात् धुएँ में अवशिष्ट कार्बन कणों की मात्रा अधिक हो, तो ऊष्मा-दक्षता कम हो जाती है। (5) चूल्हे की दीवारों से होने वाला ऊष्मा-नुकसान जितना अधिक होता है, ऊष्मा-दक्षता उतनी ही क