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मई दिन की 7वीं रचना “पोस्ट-युवावस्था की कविताएँ” में सबसे हृदयविदारक गीत है – “तुम वास्तव में खुश नहीं हो”。 जैसे ही इस गीत का पहला स्वर सुनाई देता है, श्रोता आसानी से उस अंतर्मनीय दुनिया में खो जाता है… वह उस ठंडे, निर्दयी वातावरण में गिर जाता है… और ऐसी कहानी में फंस जाता है जो केवल उसी की है। तुम वास्तव में खुश नहीं हो ---------- संगीत: आशिन ----------- भीड़ में रोते हुए, तुम बस पारदर्शी रंग में बदलना चाहते हो। अब तुम कभी सपने नहीं देखोगे, न ही दुःख महसूस करोगे… तुमने निर्णय ले लिया है। तुम चुपचाप सहन कर रहे हो… कल की यादें तुम्हारे हाथों में हैं… लेकिन जितनी मीठी यादें होती हैं, उतनी ही वे दर्दनाक भी होती हैं… तुम वास्तव में खुश नहीं हो… तुम्हारी हंसी तो बस एक छद्म रूप है… तुमने नफरत न करने एवं प्रेम न करने का निर्णय लिया है… अपनी आत्मा को हमेशा के लिए बंद कर दिया है… दुनिया हंस रही है… इसलिए तुम भी हंस रहे हो… जब जीवन ही नियम बन जाता है, तो तुम आँसू भरे हुए ही चलते रहते हो… तुम वास्तव में खुश नहीं हो… तुम्हारी हंसी तो बस एक छद्म रूप है… तुमने नफरत न करने एवं प्रेम न करने का निर्णय लिया है… अपनी आत्मा को हमेशा के लिए बंद कर दिया है… तुम वास्तव में खुश नहीं हो… तुम्हारे घाव कभी पूरी तरह नहीं भरते… मैं तुम्हारे बगल में खड़ा हूँ… लेकिन ऐसा लगता है जैसे हम आकाशगंगा से अलग हैं… क्या वाकई मुझे हमेशा ही अफसोस में ही रहना होगा? फिर पछताना ही होगा… तुम वास्तव में खुश नहीं हो… तुम्हारी हंसी तो बस एक छद्म रूप है… तुमने नफरत न करने एवं प्रेम न करने का निर्णय लिया है… अपनी आत्मा को हमेशा के लिए बंद कर दिया है… तुम वास्तव में खुश नहीं हो… तुम्हारे घाव कभी पूरी तरह नहीं भरते… मैं तुम्हारे बगल में खड़ा हूँ… लेकिन ऐसा लगता है जैसे हम आकाशगंगा से अलग हैं… क्या वाकई मुझे हमेशा ही अफसोस में ही रहना होगा? तुम वास्तव में खुश होने के योग्य हो… तुम्हें अपना छद्म रूप हटा देना चाहिए… जब कुछ खो गया है, तो फिर सजा क्यों? क्या दुःख को इसी क्षण समाप्त किया जा सकता है? फिर से जीवन शुरू किया जा सकता है… ----------------------------------------------------------- यह गीत प्रसिद्ध गायक ‘शियाओ यूझोउ डे वेइशियाओ’ द्वारा सुझाया गया है। @शियाओ यूझोउ डे वेइशियाओ
बेशक, दुनिया में कहीं न कहीं तो कोई न कोई मित्र जरूर होता ह