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2016 का सर्वश्रेष्ठ हृदयस्पर्शी उपन्यास – “बारिश लगातार बरसती रही”

2016-11-28View Original

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वाह, एक बिजली की चमक!; धमाका… एक गर्जना। तेज बारिश हो रही थी; पूरा जगह अंधकारमय हो गया… बड़ा भाई तुरंत उठ बैठा, उसका दिल भी तेजी से धड़कने लगा। बॉस ने लाइट जलाई, और अपनी पत्नी को धक्का दिया। बहू तुरंत उठ खड़ी हुई, क्यों? क्या घर में पानी घुस गया है? मुझे अपने माता-पिता की चिंता है… क्या यह सिर्फ सपना ही है? क्या माता-पिता हमारे घर में ही नहीं रहते? हम तो अपने माता-पिता के पुराने घर में ही रहते हैं। अगर कुछ ढहना ही है, तो यहीं ढहेगा। हमारा घर तो बहुत मजबूत है! वहाँ की जमीन तो मजबूत है, लेकिन वहाँ का स्थल समतल है… अगर वहाँ पानी घुस गया, तो यह कोई मजाक नहीं होगा… दरवाजे के सामने मिट्टी की दीवार है, और घर के पीछे पानी निकालने की व्यवस्था है… ऐसा कैसे हो सकता है? सो जाओ, सो जाओ। वाह, एक बिजली की चमक! ; धमाका… एक गर्जना। तेज बारिश हो रही थी; पूरा जगह अंधकारमय हो गया… बड़ा भाई तुरंत उठ बैठा, उसका दिल भी तेजी से धड़कने लगा। इस बार, बहू ने धक्का देने की कोशिश नहीं की, और वह भी सीधी बैठ गई। आप आखिर क्या करने की कोशिश कर रहे हैं? क्या लोगों को सोने दिया जाएगा? मुझे अभी भी चिंता है… हमारे माता-पिता दोनों सत्तर साल से अधिक उम्र के हैं; अगर घर में पानी घुस जाए, तो वे भाग भी नहीं पाएंगे… क्या आप वहाँ जाकर देख सकते हैं? अरे, देखिए। बूढ़ा व्यक्ति उचित कपड़े पहनकर ही बाहर जाता है। मुझे अकेला ही कमरे में छोड़ देना? मैं भी जाऊँगा! रेनकोट पहन लें, एवं टॉर्च को जला दें। मालिक एवं उसकी पत्नी ने दरवाजा खोला, और तेज बारिश में कूद गए। वाह, एक बिजली की चमक! ; धमाका… एक गर्जना। तेज बारिश हो रही थी; पूरा वातावरण अंधकारमय था… बड़ा भाई एवं उसकी पत्नी लड़खड़ाते हुए अपने घर के दरवाजे तक पहुँचे… सब कुछ ठीक था। बहू ने कहा, “मैंने कहा कि कोई समस्या नहीं है, लेकिन आप विश्वास ही नहीं कर अब तो आपको चिंता नहीं है, है ना? मालिक एवं उसकी पत्नी, कठिनाइयों के बीच ही वापस अपने रास्ते से लौट गए। जैसे ही वे आंगन के द्वार पर पहुँचे, सामने का दृश्य देखकर वे हैरान रह गए – घर ढह गया था! …… वाह, एक बिजली की चमक! ; धमाका… एक गर्जना। बारिश अभी भी हो रही है… लेखक: ली डेक्सिया
Reply #22016-11-29
पितृभक्ति से संसार ही गूंज उठता ह ! ! ! ! ! ! ! ! ! ! :विजय::विजय:

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