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इस पोस्ट को अंतिम बार “सल्फर-जिंक-एल्यूमिनियम” द्वारा 2016-5-4 15:06 पर संपादित किया गया। संक्षिप्त उत्तर: आयन संतुलन क्या है?
“चरण” से तात्पर्य किसी पदार्थ-प्रणाली में वह कोई भी समान भौतिक-रासायनिक गुणों वाला हिस्सा है; एक चरण या तो शुद्ध पदार्थ हो सकता है, या मिश्रण भी हो सकता है। आसवन प्रक्रिया के दौरान, गैस एवं तरल दोनों एक ही तापमान एवं दबाव पर होते हैं; इस कारण वे आपस में संपर्क में रहकर गतिशील संतुलन बनाए रखते हैं। गैसीय एवं तरल अवस्थाओं में पदार्थों की मात्रा, एवं दोनों अवस्थाओं में पदार्थों की सांद्रता में कोई परिवर्तन नहीं होता। ऐसी स्थिति को “गैस-तरल द्विअवस्था संतुलन” कहा जाता है।
चरण संतुलन (Phase Equilibrium): निश्चित परिस्थितियों में, जब किसी बहु-चरणीय प्रणाली में विभिन्न चरणों के गुण एवं मात्रा समय के साथ नहीं बदलते, तब ऐसी प्रणाली को चरण संतुलन की अवस्था में माना जाता है। इस समय, व्यापक स्तर पर देखा जाए तो किसी भी पदार्थ का एक चरण से दूसरे चरण में कोई शुद्ध स्थानांतरण नहीं हो रहा है; लेकिन सूक्ष्म स्तर पर, विभिन्न चरणों के बीच अणुओं का स्थानांतरण तो जारी ही है, बस दोनों दिशाओं में स्थानांतरण की गति समान ही है।
“चरण” से तात्पर्य किसी पदार्थ-प्रणाली में वह कोई भी समान भौतिक-रासायनिक गुणों वाला हिस्सा है; एक चरण या तो शुद्ध पदार्थ हो सकता है, या मिश्रण भी हो सकता है। आसवन प्रक्रिया के दौरान, गैस एवं तरल दोनों एक ही तापमान एवं दबाव पर होते हैं; इस कारण वे आपस में संपर्क में रहकर गतिशील संतुलन बनाए रखते हैं। गैसीय एवं तरल अवस्थाओं में पदार्थों की मात्रा, एवं दोनों अवस्थाओं में पदार्थों की सांद्रता में कोई परिवर्तन नहीं होता। ऐसी स्थिति को “गैस-तरल द्विअवस्था संतुलन” कहा जाता है।
चरण संतुलन: निश्चित परिस्थितियों में, जब किसी बहु-चरणीय प्रणाली में विभिन्न चरणों के गुण एवं मात्रा समय के साथ नहीं बदलते, तो ऐसी प्रणाली को चरण संतुलन में होने वाली प्रणाली कहा जाता है। इस समय, व्यापक स्तर पर देखा जाए तो किसी भी पदार्थ का एक चरण से दूसरे चरण में कोई शुद्ध स्थानांतरण नहीं हो रहा है; लेकिन सूक्ष्म स्तर पर, विभिन्न चरणों के बीच अणुओं का स्थानांतरण तो जारी ही है, बस दोनों दिशाओं में स्थानांतरण की गति समान ही है।
चरण संतुलन (Phase Equilibrium): निश्चित परिस्थितियों में, जब किसी बहु-चरणीय प्रणाली में विभिन्न चरणों के गुण एवं मात्रा समय के साथ नहीं बदलते, तब ऐसी प्रणाली को चरण संतुलन की अवस्था में माना जाता है। इस समय, व्यापक स्तर पर देखा जाए तो किसी भी पदार्थ का एक चरण से दूसरे चरण में कोई शुद्ध स्थानांतरण नहीं हो रहा है; लेकिन सूक्ष्म स्तर पर, विभिन्न चरणों के बीच अणुओं का स्थानांतरण तो जारी ही है, बस दोनों दिशाओं में स्थानांतरण की गति समान ही है।
चरण संतुलन: निश्चित परिस्थितियों में, जब किसी बहु-चरणीय प्रणाली में विभिन्न चरणों के गुण एवं मात्रा समय के साथ नहीं बदलते, तब ऐसी प्रणाली को चरण संतुलन में होने वाली प्रणाली कहा जाता है। इस समय, व्यापक स्तर पर देखा जाए तो किसी भी पदार्थ का एक चरण से दूसरे चरण में कोई शुद्ध स्थानांतरण नहीं हो रहा है; लेकिन सूक्ष्म स्तर पर, विभिन्न चरणों के बीच अणुओं का स्थानांतरण तो जारी ही है, बस दोनों दिशाओं में स्थानांतरण की गति समान ही है।
चरण संतुलन (Phase Equilibrium): निश्चित परिस्थितियों में, जब किसी बहु-चरणीय प्रणाली में विभिन्न चरणों के गुण एवं मात्रा समय के साथ नहीं बदलते, तब ऐसी प्रणाली को चरण संतुलन में होने वाली प्रणाली कहा जाता है। इस समय, व्यापक स्तर पर देखा जाए तो किसी भी पदार्थ का एक चरण से दूसरे चरण में कोई शुद्ध स्थानांतरण नहीं हो रहा है; लेकिन सूक्ष्म स्तर पर, विभिन्न चरणों के बीच अणुओं का स्थानांतरण तो जारी ही है, बस दोनों दिशाओं में स्थानांतरण की गति समान ही है।
आपसी संतुलन क्या है? उत्तर: निश्चित परिस्थितियों में, जब किसी बहु-चरणीय प्रणाली में विभिन्न चरणों के गुण एवं संख्या समय के साथ नहीं बदलते, तब ऐसी प्रणाली को “चरण-संतुलन” में होने वाली प्रणाली कहा जाता है।
आपसी संतुलन क्या है? उत्तर: निश्चित परिस्थितियों में, जब किसी बहु-चरणीय प्रणाली में विभिन्न चरणों के गुण एवं संख्या समय के साथ नहीं बदलते, तब ऐसी प्रणाली को “चरण-संतुलन” में होने वाली प्रणाली कहा जाता है।
आपसी संतुलन क्या है? उत्तर: निश्चित परिस्थितियों में, जब किसी बहु-चरणीय प्रणाली में विभिन्न चरणों के गुण एवं संख्या समय के साथ नहीं बदलते, तब ऐसी प्रणाली को “चरण-संतुलन” में होने वाली प्रणाली कहा जाता है।