【साप्ताहिक विषय】【गुणवत्ता संस्करण 20160623】
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पुरस्कार: 2 संपत्ति। मूल रूप से सही उत्तर देने पर पुरस्कार: 9 संपत्ति। (बहुविकल्पीय प्रश्न) प्रश्न: पुनरावृत्ति-मापन एवं पुनरुत्पादन-मापन में अंतर क्या है? ए. हालाँकि दोनों ही स्थितियों में वही मापन किया जाता है, लेकिन इनकी परिस्थितियाँ अलग-अलग होती हैं।बी. पुनरावृत्ति में, मापन की परिस्थितियाँ स्थिर रहने पर, कई बार मापन किए जाने पर प्राप्त परिणामों में सुसंगतता होती है।
सी. पुनरुत्पादन में, मापन की परिस्थितियाँ बदलने पर भी मापन परिणामों में सुसंगतता होती है।
डी. पुनरावृत्ति मापन में सुसंगतता मात्रात्मक होती है, जबकि पुनरुत्पादन मापन में यह गुणात्मक होती है।
ई. पुनरावृत्ति मापन में सुसंगतता गुणात्मक होती है, जबकि पुनरुत्पादन मापन में यह मात्रात्मक होती है।
उत्तर: ABC
व्याख्या: चाहे पुनरावृत्ति मापन हो या पुनरुत्पादन मापन, दोनों ही स्थितियों में सुसंगतता मात्रात्मक ही होती है।
बी. पुनरावृत्ति-संबंधी सुसंगतता, मापन की परिस्थितियाँ स्थिर रहने की स्थिति में, कई बार मापन किए जाने पर प्राप्त परिणामों की सुसंगतता है।
सी. पुनरुत्पादन-संबंधी सुसंगतता, मापन की परिस्थितियाँ बदलने की स्थिति में, मापन के परिणामों की सुसंगतता है।
डी. पुनरावृत्ति-मापन में प्राप्त सुसंगतता मात्रात्मक होती है, जबकि पुनरुत्पादन-मापन में प्राप्त सुसंगतता गुणात्मक होती है।
ई. पुनरावृत्ति-मापन में प्राप्त सुसंगतता गुणात्मक होती है, जबकि पुनरुत्पादन-मापन में प्राप्त सुसंगतता मात्रात्मक होती है।
सी. पुनरुत्पादनीयता यह है कि, जब मापन की परिस्थितियाँ बदल जाती हैं, तब भी मापन के परिणामों में सुसंगतता रहती है।
डी. पुनरावृत्ति मापनों में सुसंगतता मात्रात्मक होती है, जबकि पुनरुत्पादनीयता मापनों में सुसंगतता गुणात्मक होती है।