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प्रश्न: डीसी मदरबोर्ड का वोल्टेज क्यों अत्यधिक या अत्यंत कम नहीं होना चाहिए?
जब वोल्टेज अत्यधिक होता है, तो लंबे समय तक विद्युत प्रवाह में रहने वाले रिले, इंडिकेटर आदि में अतिताप या क्षति होने की संभावना बढ़ जाती है।; जब वोल्टेज बहुत कम होता है, तो सर्किट ब्रेकर एवं सुरक्षा उपकरणों का कार्य ठीक से नहीं हो पाता। मदर बस का वोल्टेज आमतौर पर ±10% की सीमा में ही होना चाहिए।
जब वोल्टेज अत्यधिक होता है, तो लंबे समय तक विद्युत प्रवाह में रहने वाले रिले, इंडिकेटर आदि में अतिताप या क्षति होने की संभावना बढ़ जाती है।; जब वोल्टेज बहुत कम होता है, तो सर्किट ब्रेकर एवं सुरक्षा उपकरणों का कार्य ठीक से नहीं हो पाता।
अत्यधिक वोल्टेज के कारण, लंबे समय तक विद्युत आपूर्ति प्राप्त करने वाले रिले, सुरक्षा उपकरण, इंडिकेटर आदि गर्म हो सकते हैं या क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। .
जब डीसी मदरबोर्ड का वोल्टेज अत्यधिक होता है, तो लंबे समय तक चालू रहने वाले रिले, इंडिकेटर आदि गर्म हो सकते हैं या क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। जब वोल्टेज बहुत कम होता है, तो सर्किट ब्रेकर एवं सुरक्षा उपकरणों का कार्य ठीक से नहीं हो पाता। डीसी मदरबोर्ड के वोल्टेज की अनुमेय सीमा आमतौर पर ±10% होती है।
जब वोल्टेज अत्यधिक होता है, तो लंबे समय तक विद्युत प्रवाह में रहने वाले रिले, इंडिकेटर आदि में अतिताप या क्षति हो सकती है। जब वोल्टेज बहुत कम होता है, तो सर्किट ब्रेकर एवं सुरक्षा उपकरणों का कार्य ठीक से नहीं हो पाता। मदर बस का वोल्टेज आमतौर पर ±10% की सीमा में ही होना चाहिए।
उत्तर: जब डीसी मदरबोर्ड का वोल्टेज बहुत अधिक होता है, तो लंबे समय तक चालू रहने वाले रिले, इंडिकेटर आदि गर्म हो जाते हैं, या खराब हो सकते हैं।; जब वोल्टेज बहुत कम होता है, तो इसके कारण सर्किट ब्रेकर एवं सुरक्षा उपकरणों का कार्य ठीक से नहीं हो पाता। डीसी मदरबोर्ड के वोल्टेज की अनुमेय सीमा आमतौर पर ± 10% होती है।
जब वोल्टेज अत्यधिक होता है, तो लंबे समय तक विद्युत प्रवाह में रहने वाले रिले, इंडिकेटर आदि में अतिताप या क्षति होने की संभावना बढ़ जाती है।; जब वोल्टेज बहुत कम होता है, तो सर्किट ब्रेकर एवं सुरक्षा उपकरणों का कार्य ठीक से नहीं हो पाता।
उत्तर: जब वोल्टेज अत्यधिक होता है, तो लंबे समय तक विद्युत प्रवाह में रहने वाले रिले, इंडिकेटर आदि में अतिताप या क्षति होने की संभावना बढ़ जाती है।; जब वोल्टेज बहुत कम होता है, तो सर्किट ब्रेकर एवं सुरक्षा उपकरणों का कार्य ठीक से नहीं हो पाता। मदर बस का वोल्टेज, आम तौर पर, ±10% की सीमा के भीतर ही होना चाहिए।
जब वोल्टेज अत्यधिक होता है, तो लंबे समय तक विद्युत प्रवाह में रहने वाले रिले, इंडिकेटर आदि में अतिताप या क्षति होने की संभावना बढ़ जाती है।; जब वोल्टेज बहुत कम होता है, तो सर्किट ब्रेकर एवं सुरक्षा उपकरणों का कार्य ठीक से नहीं हो पाता। मदर बस का वोल्टेज, आम तौर पर, ±10% की सीमा के भीतर ही होना चाहिए।