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उत्प्रेरकीय अभिक्रियाओं के दौरान कन्वर्टर के तापमान की गणना करते समय, पुस्तकों एवं साहित्य में आमतौर पर केवल S6 एवं S8 की उत्पादन अभिक्रियाओं को ही ध्यान में रखने की सलाह दी जाती है। मैं जानना चाहता हूँ कि, यदि किसी कन्वर्टर में दो मुख्य अभिक्रियाएँ हों, तो संतुलन स्थिरांकों के आधार पर अभिक्रिया तापमान की गणना कैसे की जाए? कृपया किसी विद्वान से जवाब माँगें, सभी लोग चर्चा करें
अभिक्रिया तापमान की गणना हेतु, अभिक्रिया से पहले एवं बाद में उपस्थित पदार्थों की मात्रा एवं संरचना आवश्यक है। इसके द्वारा ही अभिक्रिया से पहले एवं बाद में पदार्थों की ऊष्मा की गणना की जा सकती है; फिर ही अभिक्रिया द्वारा उत्पन्न ऊष्मा की गणना प्रवेश करने वाली सामग्री की एन्थैल्पी + अभिक्रिया द्वारा उत्पन्न ऊष्मा = निकलने वाली सामग्री की एन्थैल्पी + ऊष्मा हानि। प्रवेश तापमान ज्ञात होने पर, निकलने वाले तापमान की गणना की जा सकती है।
आपने ऊर्जा-संतुलन के आधार पर ही निकास तापमान निर्धारित किया है। मुझे दी गई जानकारी से पता चलता है कि कन्वर्टर के लिए अभिक्रिया तापमान की गणना, सबसे पहले अभिक्रिया के Kp (रासायनिक संतुलन स्थिरांक) की गणना करके की जाती है; इसके बाद उस Kp मान के आधार पर ही उस कन्वर्टर के लिए उपयुक्त तापमान की गणना की जाती है। मेरा अभी यह सवाल है कि कन्वर्टर में दो अभिक्रियाएँ हो रही हैं; तो संबंधित अभिक्रिया के तापमान की गणना किस अभिक्रिया के Kp के आधार पर की जानी चाहिए? क्या फिर भी दो प्रतिक्रियाओं को आपस में जोड़ने की आवश्यकत आपके उत्तर की प्रतीक्षा है, धन्यवाद!