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रासायनिक उद्योग संबंधी परियोजनाओं का निर्माण प्रक्रम: 1) व्यवहार्यता अध्ययन। (इसे या तो कंपनियों द्वारा, या किसी एजेंसी/मध्यस्थ संस्था के माध्यम से किया जाता है।) 2) परियोजना के लिए उपयुक्त स्थल का चयन (उद्यमों को परियोजना स्थल चयन संबंधी अनुमति, भूमि उपयोग हेतु योजना अनुमति आदि प्राप्त करने हेतु योजना/निर्माण विभाग में आवेदन करना होता है।) 3) परियोजना की स्थापना या पंजीकरण। (उद्यमों द्वारा विकास एवं सुधार आयोग से परियोजना की मंजूरी/पंजीकरण हेतु आवेदन किया जाता है।) 4) पर्यावरणीय प्रभावों का मूल्यांकन किया ज (कंपनियाँ, योग्य मध्यस्थ सेवा संस्थाओं की मदद से) 5) पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन संबंधी अनुमोदन प्राप्त करती हैं। (पर्यावरण संरक्षण विभाग द्वारा पर्यावरणीय प्रभाव रिपोर्ट को मंजूरी देना) 6) सुरक्षा संबंधी पूर्व-मूल्यांकन एवं व्यावसायिक रोगों से संबंधित पूर्व-मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार करना (उद्यम, योग्य मध्यस्थ सेवा संस्थाओं की सहायता लेता है) 7) सुरक्षा संबंधी पूर्व-मूल्यांकन रिपोर्टों का मूल्यांकन। (विशेषज्ञों का मूल्यांकन) 8) व्यावसायिक रोगों से संबंधित जोखिमों के पूर्व-मूल्यांकन रिपोर्ट पर लिया गया निर्णय। (स्वास्थ्य विभाग) 9) सुरक्षा संबंधी पूर्व-मूल्यांकन रिपोर्टों का अभिलेखन। (उद्यमों को सुरक्षा निरीक्षण विभाग में पंजीकरण कराना होता है।) 10) सुरक्षा समीक्षा। (सुरक्षा निरीक्षण विभाग द्वारा सुरक्षा समीक्षा की जाती है।) 11) **अनुमोदित।** (सुरक्षा समीक्षा पास होने के बाद, सुरक्षा निरीक्षण विभाग द्वारा अनुमोदन पत्र जारी किया जाता है।) 12) वाणिज्यिक लाइसेंस प्राप्त करना। (कंपनी को अनुमोदन पत्र के आधार पर वाणिज्यिक प्रशासन विभाग में व्यवसायिक लाइसेंस प्राप्त करना होता है।) 13) भूमि उपयोग प्रमाणपत्र प्राप्त करना। (उद्यमों को भूमि प्रबंधन विभाग में जाकर) 14) प्रारंभिक डिज़ाइन तैयार करवाना होता है। (उद्यम, योग्य डिज़ाइन संस्थानों की मदद से) 15) प्रारंभिक डिज़ाइन की समीक्षा करता है। (अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, सुरक्षा निरीक्षण विभाग द्वारा समीक्षा की जाती है।) 16) निर्माण संबंधी डिज़ाइन। (उद्यम, योग्य डिज़ाइन संस्थाओं की मदद से) 17) निर्माण परियोजना हेतु योजना अनुमति प्राप्त करता है। (उद्यमों द्वारा निर्माण कार्य हेतु योजना अनुमति प्राप्त करना) 18) निर्माण कार्य हेतु अनुमति प्राप्त करना। (उद्यमों को निर्माण कार्य हेतु अनुमति प्राप्त करने हेतु निर्माण विभाग में आवेदन करना होता है।) 19) अग्नि सुरक्षा संबंधी जाँच/निरीक्षण। (निर्माण कार्य पूरा होने के बाद, अग्निशमन विभाग द्वारा निर्माण कार्य का निरीक्षण किया जाता है।) 20) विशेष प्रकार के उपकरणों के उपयोग हेतु आवश्यक प्रमाणपत्र जारी किए जाते हैं। (उद्यमों को गुणवत्ता नियंत्रण विभाग में जाकर यह कार्य कराना होता है।) 21) परीक्षणात्मक उत्पादन (पर्यावरण संरक्षण विभाग द्वारा परीक्षणात्मक उत्पादन चरण को मंजूरी देना) 22) निर्माण कार्य का निरीक्षण/स्वीकृ (स्वास्थ्य विभाग, पर्यावरण संरक्षण विभाग, सुरक्षा निरीक्षण विभाग द्वारा जाँच की जाती है।) 23) औद्योगिक सुरक्षा परमिट प्राप्त करना। (खतरनाक रसायनों का उत्पादन करने वाली कंपनियों को इसके लिए प्रांतीय सुरक्षा नियंत्रण विभाग से अनु 24) औद्योगिक उत्पादों के उत्पादन हेतु लाइसेंस प्राप्त करना। (उद्यम, **गुणवत्ता नियंत्रण संचालनालय द्वारा जारी की गई सूची में दिए गए उत्पादों के आधार पर, संबंधित प्रांतीय गुणवत्ता नियंत्रण व
क्या सभी रासायनिक उद्यमों में लाइसेंस प्राप्त करने हेतु यही क्रम अपनाया जाता है?
क्या सभी रासायनिक उद्यमों में लाइसेंस प्राप्त करने हेतु यही क्रम अपनाया जाता है?
क्या सभी रासायनिक उद्यमों में लाइसेंस प्राप्त करने हेतु यही क्रम अपनाया जाता है?