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मामले का सारांश: झांग, किसी कंपनी में कर्मचारी है। 8 फरवरी, 2014 को, झांग ने निजी कारणों से, संस्था की अनुमति के बिना ही अपनी ड्यूटी से चले जाकर साइकिल से बाहर गए। वापस संस्था लौटते समय उनकी दुर्घटना में मृत्यु हो गई। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, इस दुर्घटना में झांग की कोई गलती नहीं थी। बाद में, झांग के परिवार ने स्थानीय सामाजिक बीमा प्रशासन के पास उसे औद्योगिक दुर्घटना के रूप में मान्यता देने हेतु आवेदन किया। स्थानीय सामाजिक बीमा प्रशासन ने जाँच करने के बाद, “औद्योगिक दुर्घटना बीमा नियम” की धारा 14 के खंड (5) एवं (6) के अनुसार, झांग को औद्योगिक दुर्घटना के रूप में मान्यता न देने का निर्णय लिया। झांग के परिवार ने इस फैसले को स्वीकार नहीं किया, और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के पास पुनर्विचार हेतु आवेदन किया। लेकिन स्थानीय पुनर्विचार अधिकारियों ने सामाजिक बीमा विभाग द्वारा दिए गए “यह घटना औद्योगिक दुर्घटना नहीं है” वाले निर्णय को ही बरकरार रखा। मामलों का विश्लेषण: “औद्योगिक दुर्घटना बीमा नियमों” की धारा 14 के खंड (5) में यह प्रावधान है कि “जब कोई कर्मचारी कार्य संबंधी कारणों से बाहर जाता है, एवं वहाँ कार्य के दौरान चोटिल हो जाता है, या कोई दुर्घटना होने के कारण उसका पता नहीं चल पाता”, तो ऐसी स्थितियों को औद्योगिक दुर्घटना माना जा सकता है। इसी प्रकार, “औद्योगिक दुर्घटना बीमा नियमों” की धारा 14 के खंड (6) में यह प्रावधान है कि “जब कोई कर्मचारी कार्यस्थल जाते या वापस आते समय, किसी ऐसी दुर्घटना का शिकार हो जाता है, जिसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार नहीं है; जैसे सड़क दुर्घटनाएँ, शहरी परिवहन संबंधी दुर्घटनाएँ, या ट्रेन दुर्घटनाएँ”, तो ऐसी स्थितियों को भी औद्योगिक दुर्घटना माना जा सकता है। इस मामले में, हालाँकि ट्रैफिक पुलिस द्वारा झांग को दुर्घटना में दोषी नहीं माना गया, लेकिन झांग ने कार्य समय के दौरान बिना अनुमति के अपनी जगह छोड़कर बाहर जाने के कारण ही यह दुर्घटना हुई। ऐसी स्थिति में “व्यावसायिक यात्रा के दौरान” एवं “कार्यस्थल आने-जाने के दौरान” जैसी शर्तें, जो “औद्योगिक दुर्घटना बीमा नियमों” की धारा 14 के खंड (5) एवं (6) में निर्धारित हैं, पूरी नहीं होतीं। उपरोक्त विवरणों के आधार पर, स्थानीय सामाजिक बीमा प्रशासन द्वारा झांग को औद्योगिक दुर्घटना के रूप में मान्यता न देने का निर्णय कानून के अनुरूप है।