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सुन लानयी द्वारा संपादित पुस्तक “एन्हांस्ड केमिकल प्रोसेस सिमुलेशन – एस्पेन प्लस ट्यूटोरियल” के पृष्ठ 20 पर लिखा है, “इस उदाहरण में उपयोग में आने वाले पदार्थ हैं प्रोपीन, बेंजीन एवं आइसोप्रोपीनेन; ये सभी गैर-ध्रुवीय पदार्थ हैं।” विश्वविद्यालय में सीखी गई जानकारी के अनुसार, बेंजीन एक गैर-ध्रुवीय अणु है, लेकिन बेंजीन एवं आइसोप्रोपीनेन ध्रुवीय अणु हैं। तो फिर यहाँ इन तीनों पदार्थों को गैर-ध्रुवीय पदार्थ क्यों माना गया है? क्या यह इसलिए है कि बेंजीन एवं आइसोप्रोपेनिल की ध्रुवता बहुत कम होती है, इसलिए भौतिक गुणों का विश्लेषण करते समय गैर-ध्रुवीय प्रणालियों का ही उपयोग किया जात
इस बारे में चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। “समानता एवं सुसंगतता” के सिद्धांत के अनुसार, ऊष्मागतिकी में पदार्थों को ध्रुवीय, गैर-ध्रुवीय, इलेक्ट्रोलाइट आदि में वर्गीकृत किया जाता है। ध्रुवीय पदार्थों को फिर “उच्च ध्रुवीयता” एवं “कम ध्रुवीयता” में विभाजित किया जाता है। कार्बनिक पदार्थों को कम ध्रुवीयता से उच्च ध्रुवीयता के क्रम में इस प्रकार व्यवस्थित किया जा सकता है: हाइड्रोकार्बन, ईथर, अल्ड आपको शुभकामनाएँ! केवल संदर्भ हेतु।
इसकी गणना गैर-ध्रुवीय आधार पर ही की जानी चाहिए। लेकिन द्विआधारी पारस्परिक क्रिया संबंधी मापदंड तो मौजूद ही हैं; इसलिए अंतर ज्यादा नहीं होगा।
विषय-स्थापक, क्या आपने इस सवाल को समझ लिया है? मैं एस्पेन सीखने वाला हूँ। इस पृष्ठ पर भी मुझे यही समस्या आ रही है। कृपया, मदद करें!
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