कोक भट्टियों के निर्माण हेतु मानक/स्टैंडर
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चूल्हों के निर्माण हेतु मानक, सरल शब्दों में कहें तो, केवल छह ही हैं – कड़ाई, सटीकता, स्वच्छता, समतलता, ऊर्ध्वाधरता, एवं समानता।**कड़ाई** – चूल्हे की संरचना पूरी तरह मजबूत होनी चाहिए, एवं मोर्टार भी ठीक से लगा होना चाहिए।
**सटीकता** – दीवारों की चौड़ाई, छेदों की चौड़ाई, केंद्रीय दूरी आदि सभी माप सटीक होने चाहिए।
**स्वच्छता** – दीवारें एवं वायु-प्रवाह हेतु उपयोग में आने वाले मार्ग स्वच्छ होने चाहिए।
**समतलता** – सतहें आवश्यक मानकों के अनुरूप समतल होनी चाहिए।
**ऊर्ध्वाधरता** – संरचना ऊर्ध्वाधर दिशा में सही होनी चाहिए; एवं विस्तार-दरारें भी सीधी होनी चाहिए।
**समानता** – मोर्टार एवं ईंटों के बीच की दूरी भी समान होनी चाहिए।